पर उन्हें सीचने के लिए
कहा से पाउँगा सुविधाओं का पानी
यकीन कर लिया जाये अगर कि
विपरीत परिस्थितयों में भी
कियारियां , बदचलन मौसम कि उदारताए करा सकती है वर्षात
भर सकते हैं बंधे, पिछले साल हल्ला मचा था कि नाहर कि नालिया
छोड़ देंगी परधन को सलाम करना पर क्या ऐसा संभव है?
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.........ख़बरदार जो रिमझिम किये, हमारे गरम मिजाज को नरम किये, देखते नहीं
पकी फसलों कि दुल्हन बेताब है घर आने के लिए, और तुम उसे करना चाहते हो निर्वस्त्र
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